लखनऊ, अप्रैल 8 -- खदरा के केडी अस्पताल में जाकर लखीमपुर की आशा कार्यकर्ता पूनम मौर्य का इलाज करने वाले केजीएमयू ईएनटी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर पर स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसने में लगा है। केजीएमयू ने आरोपी डॉक्टर के बर्खास्त होने का पत्र स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया है। मामले की जांच कमेटी ने डॉक्टर को दोषी मानते हुए रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग और पुलिस को भेजने की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग अब नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को पत्र भेजकर डॉक्टर की प्रैक्टिस छह माह के लिए बैन करने की संस्तुति करेगा। लखीमपुर खीरी के महाराज नगर निवासी सुरेंद्र की पत्नी आशा कार्यकर्ता पूनम मौर्य (32) का इलाज केजीएमयू के ईएनटी विभाग में रेजिडेंट डॉ. रमेश की देखरेख में किया जा रहा था। प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त डॉ. रमेश ने खदरा के केडी अस्पताल में 25 अक्तूबर क...
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