लखनऊ, दिसम्बर 6 -- केंद्र सरकार ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि उत्तर प्रदेश में सकल वितरण एवं वाणिज्यिक (एटीएंडसी) हानियां बीते चार साल में तकरीबन साढ़े सात प्रतिशत कम हुई हैं। केंद्रीय विद्युत राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक गीता उर्फ चंद्रप्रभा के सवाल का जवाब में यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्रालय से जवाब आने के बाद राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने निजीकरण की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि जब केंद्र सरकार की योजना रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत हो रहे कामों के नतीजे दिख रहे हैं तो निजीकरण की जरूरत क्या है? एक दिसंबर को राज्यसभा में पूछे सवाल के जवाब में श्रीपाद नाईक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यूपी की उच्चतम बिजली मांग और उपलब्धता के बीच अंतर लगभग शून्य पाया गया। 1802 फीडरों ...
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