नई दिल्ली, नवम्बर 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को न्यायाधिकरण सुधार पर 2021 के कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली मद्रास बार एसोसिएशन की याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित करने के केंद्र के अनुरोध पर कड़ी नाराजगी जताई। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि केंद्र अब इस मामले को पांच जज की संविधान पीठ के पास भिजवाना चाहता है। गुरुवार को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने मामले का उल्लेख किया और अटॉर्नी जनरल की ओर से उनकी अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमने उन्हें इतने समय तक छूट दी है। हमने उन्हें दो बार छूट दी है। यह अदालत के साथ सही नहीं है। आगामी...