वाराणसी, फरवरी 10 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों में रिक्तियों को भरने के केंद्र सरकार के निर्णय के बाद बीएचयू और आईआईटी बीएचयू में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की उम्मीद जगी है। विशेषज्ञ आवेदकों की कमी और विभिन्न कोटे के कारण सीटें खाली होने के चलते संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। बीएचयू के पांच संस्थान, 14 संकाय और लगभग 140 विभागों में शैक्षणिक पदों पर वर्तमान में 1700 शिक्षक और आठ हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। बीएचयू में 2019 और 2022 में नए शिक्षकों के लगभग दो सौ पद भरे गए थे। इसके बावजूद विभिन्न संकायों और विभागों में विशेषज्ञता के अभाव में 500 से ज्यादा पद खाली हैं। पिछले तीन वर्षों में वरिष्ठ प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति और प्रोन्नति के बाद भी पद खाली हुए हैं। बीएचयू म...