नई दिल्ली। बृजेश सिंह, मार्च 8 -- दिल्ली की नवगठित भाजपा सरकार ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार में केंद्र और एलजी के खिलाफ कोर्ट में लंबित मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। पहले आदेश में कुल आठ मामलों को वापस लेने का फैसला किया गया है। इसमें दिल्ली दंगों में वकीलों की नियुक्ति का मामला भी शामिल है। सरकार ने राजनीतिक मामलों की वजह से दायर मुकदमों को प्रभारी मंत्री की मंजूरी से वापस लेने की प्रक्रिया संबंधित प्रशासनिक सचिव द्वारा तत्काल शुरू करके 15 दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा है। दरअसल, वर्ष 2015 में सत्ता में आने के बाद आप सरकार के प्रभारी मंत्रियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ी संख्या में अदालती मामले दायर किए गए थे, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 239 और 239एए, जीएनसीटीडी अधिनियम, 1991 के प्रावधानों के अलावा सरकार के अधिकार ...
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