पटना, फरवरी 1 -- भाकपा माले ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट में मजदूरों, कृषि और किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता की उपेक्षा जारी है। इस बजट में आदिवासियों और गरीबों के बड़े पैमाने पर विस्थापन और पर्यावरण के विनाश का नुस्खा है। रविवार को पार्टी की केंद्रीय कमेटी की ओर से जारी बजट प्रतिक्रिया के अनुसार, केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पेश 2026-27 का बजट पिछले वर्षों में पेश किए गए जनविरोधी बजटों के मुकाबले सबसे खराब बजट है। बजट 'विकसित भारत' की खोखली बयानबाजी करता है, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था और लोगों का जीवन और आजीविका पर लगातार हमला जारी है। माले ने आरोप लगाया कि अधिकतर आबादी कम आय, भारी बेरोजगारी और जीवन जीने की बढ़ती लागत के कारण तनावपूर्ण आर्थिक माहौल में रहने को मजबूर है। आम लोगों के लिए लंबे समय से ठहरी हुई आमदनी में बढ़ा...