बागपत, अगस्त 24 -- कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में श्री सनातन धर्म सेवा समिति के तत्वाधान में चल रही सात दिवसीय रासलीला के पांचवें दिन सुदामा चरित्र की लीला का मंचन किया गया। रासलीला के प्रारंभ में लीला के यजमान सुमित किशोर गर्ग व गर्वित गृह ने पूजा-अर्चना की। माल्यार्पण राकेश गुप्ता व सुभाष गुप्ता ने किया। मुख्य आरती शिव कुमार मित्तल व विशाल मित्तल ने की। कलाकारों ने मंचन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने एक ही गुरु के आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद श्रीकृष्ण मथुरा चले गए, जबकि सुदामा अपने घर। इसके बाद भी भगवान श्रीकृष्ण सुदामा को कभी नहीं भूले। सुदामा बहुत निर्धन थे, उनकी धर्मपत्नी ने कहा कि वह अपने मित्र श्रीकृष्ण से सहायता मांग लें। सुदामा अपने मित्र श्रीकृष्ण के महल पहुंचते हैं। वहां पर सुदामा को द्वारपाल ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.