उन्नाव, दिसम्बर 15 -- पुरवा। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन ऐसा भावनात्मक रहा कि श्रोता ही नहीं, स्वयं कथा व्यास भी अपने आंसू रोक न सके। जगत गुरु रामानुजाचार्य के शिष्य आचार्य रामानुज हितेश महाराज ने कृष्ण-सुदामा चरित्र का ऐसा हृदयस्पर्शी वर्णन किया कि पूरा पंडाल भक्ति, प्रेम और करुणा से सराबोर हो गया। पश्चिमटोला स्थित मां आनंदेश्वरी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन सत्र में कथा व्यास ने कृष्ण-सुदामा मिलन प्रसंग का ऐसा जीवंत और भावपूर्ण वर्णन किया कि श्रोता भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान कई श्रद्धालुओं की आंखों से अश्रुधारा बह निकली, वहीं स्वयं कथा व्यास भी भावनाओं में डूबते नजर आए। कहा कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति के पास सुदामा जैसा निष्कलंक मित्र होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो छोटे-बड़े के भेद से मुक्त...