उरई, दिसम्बर 2 -- सिरसाकलार। सिरसाकलार में रामलीला मैदान में सतीश मिश्रा ने सुदामा चरित्र व सुदामा कृष्ण की मित्रता की मिसाल पेश की। जिसे सुन भक्तों के आंसू आ गए। कहा सुदामा की पत्नी सुशीला ने भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए द्वारिका चार मुठ्ठी चावल देकर भेज दिया। भगवान कृष्ण ने जैसे ही द्वारपाल द्वारा सुदामा का नाम सुनते ही कृष्ण राजपाट छोड़ सुदामा को गले लिया। हाथ परात को हाथ छुए नहीं तो आंखों के आसुंओ से कदम धो सुदामा का स्वागत किया। उसके बाद मां भाभी के भेजे चार मुठ्ठी चावल खाकर कृष्ण जैसे ही सुदामा पूरी योग माया को आदेश देकर बनाया। ऐसे कृष्ण गरीब मित्र को राजा बना दिया। पंडित सतीश मिश्रा ने रुक्मणि हरण भगवान कृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाहो बाणासुर का अभिमान तोड़ना जरासन्धि वध का वर्णन किया। भागवत कथा में देवेंद्र सिंह सेंगर, करुणा शंकर ...