मुजफ्फरपुर, अप्रैल 13 -- औराई। कृष्ण-सुदामा की दोस्ती नि:स्वार्थ था। भगवान और भक्त अपने-अपने तरीके से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। उक्त बातें बैगना स्थित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन जगतगुरु राधा बल्लभ दास देवाचार्य जी महाराज ने कहीं। उन्होंने भगवान और भक्त के मैत्री से संबंधित विस्तार से चर्चा करते हुए लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर रामचंद्र राय आदि मौजूद रहे।
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