शाहजहांपुर, दिसम्बर 29 -- मोहल्ला लोधीपुर नई बस्ती में श्रीबालाजी मानस सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथाव्यास अंकुर शुक्ल ब्रजराजदास ने महारास के पांच अध्यायों को भागवत के पंच प्राण बताते हुए उनका महत्व समझाया। कथा में मथुरा गमन, कंसवध, संदीपनी आश्रम में शिक्षा, कालयवन वध, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका स्थापना और रुक्मिणी विवाह का वर्णन हुआ। कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान समाजसेवी डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र ने भागवत कथा आयोजन का संदेश दिया। अंत में दिव्य आरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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