लखनऊ, दिसम्बर 12 -- ऋषि सेवा समिति की ओर से चिनहट के मटियारी स्थित ऑन द ग्रिल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथाव्यास राघव ऋषि जी ने कहा कि जीव प्रभु की भक्ति करता है तो उसे शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि सत्व, रज, तमस इन तीनों गुणों को भगवान को अर्पण करो। शरीर से भगवान की सेवा करने से तमोगुण, धन से रजोगुण और मन से समर्पण व सम्बन्ध जुड़ता है। कृष्ण चरित्र की चर्चा करते हुए ऋषि जी ने कहा कि मन यदि सांसारिक चीज़ों का चिंतन छोड़ दे तो वह प्रभु में लीन हो सकता है। कृष्ण कथा मन को खींचती है इस कथा से ज्ञान, वैराग्य, भक्ति बढ़ती है। कथा मध्य सौरभ ऋषि ने कथा रामजी की है कल्याणकारी... भजन सुनाया तो उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कृष्णावतार की कथा व झांकी के साथ सौरभ ऋषि ने भजन गाया तो पूरा पंडाल ब्रज बन गया और सभी श्रद्धालुओं ने आनं...