जमशेदपुर, जनवरी 4 -- गोलमुरी के टुइलाडुंगरी स्थित गाढ़ाबासा कम्युनिटी सेंटर में भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को कथावाचक आचार्य पंडित कुमार स्वामी ने सुदामा चरित्र, शुकदेव विदाई और परीक्षित मोक्ष सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा बिना मांगे ही भक्तों को सब कुछ प्रदान करता है। आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता वही है, जिसमें बिना कहे मित्र की पीड़ा समझी जाए और निस्वार्थ सहायता की जाए। आज मित्रता में स्वार्थ हावी हो गया है, स्वार्थ पूरा होते ही संबंध टूट जाते हैं। कृष्ण और सुदामा का चरित्र मित्रता निभाने की सच्ची सीख देता है। कथाव्यास की वाणी से कृष्ण-सुदामा की कथा सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। आचार्य ने सात दिन की कथा का सार बताते हुए जीवन के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.