समस्तीपुर, फरवरी 10 -- कृषि क्षेत्र में बिहार अग्रणी रहा है। इसमें किसानो की लगन व मेहनत के साथ कृषि वैज्ञानिकों व सरकार का सहयोग अहम रहा है। लेकिन नई पीढ़ी को खेती से लगाव कम हो रहा है। किसान भी अपने बच्चों को खेती से दूर करने के लिए प्रेरित करते हैं। इंटर (प्लस-टू) के बाद प्रायः छात्रों की पहली प्राथमिकता मेडिकल, इंजिनियरिंग की ओर होती है। कई छात्र वर्षो मेहनत करने के बाद असफल होने पर कृषि या अन्य क्षेत्रों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आगे बढ़ते है। लोगों की माने तो दरअसल कृषि क्षेत्र में रोजगार, नौकरी, व्यवसाय जैसे कार्यो के संबंध छात्रो की जानकारी का आभाव व जागरूकता की कमी मानी जाती है। इसके लिए राज्य में मैट्रीक के बाद कृषि शिक्षा को बढ़ावा समय की मांग है। इससे छात्रो में कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर के प्रति सजगता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.