कानपुर, नवम्बर 28 -- कानपुर। एचबीटीयू में चल रहे राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बायोगैस को लेकर जानकारी दी। कहा, अब सिर्फ कृषि अपशिष्ट से नहीं किचन अपशिष्ट से भी बायोगैस बन रही है। इससे प्रदूषण भी कम होगा। सम्मेलन के दूसरे दिन इंडियन बायोगैस एसोसिएशन के चेयरमैन और आईआईएम अहमदाबाद के गेस्ट फैकल्टी गौरव केडिया ने बताया कि खेतों से निकलने वाले कृषि अपशिष्ट को आसानी से बायोगैस में बदला जा रहा है। साथ ही, रसोई के कचरा और अन्य वनस्पतियों से भी गैस मिल रही है, जिसे कंप्रेस्ड करने के बाद पीएनजी और सीएनजी के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब ऐसे प्लांट लगने लगे हैं, जो किसानों के संपूर्ण अपशिष्ट को गैस में बदलकर मुनाफा बढ़ाने में मददगार हो रहे हैं। गैसकॉन इंजीनियर्स के निदेशक एमएल धीमान ने बताया कि बायोगैस ...