पूर्णिया, फरवरी 2 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ परिसर में अनुसूचित जनजाति उप योजना के अंतर्गत कृषक महिलाओं और पुरुषों के बीच बकरी वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लाभार्थियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा बकरी पालन के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना रहा। इस अवसर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. के. एम. सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बकरी पालन भूमिहीन पशुपालकों और छोटे कृषकों के लिए कम लागत में शुरू होने वाला सफल रोजगार है। उन्होंने बताया कि बकरी का दूध और मांस दोनों ही पोषण और आय के अच्छे स्रोत हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ेगी और कुपोषण जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है। वैज्ञानिक डॉ. राबिया परवीन ने प्रशिक्ष...