लखनऊ, मार्च 17 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता फल-सब्जियों के उत्पादन में बड़े पैमाने पर हो रहे रसायनों के प्रयोग का निर्यात पर पड़ रहे असर को लेकर सोमवार को राजधानी में पांच दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। पहले दिन विशेषज्ञों से लेकर कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग से जुड़े अफसरों ने इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (आई.पी.एम.) को अपनाने की जमकर वकालत की। प्रदेश के कृषि विपणन निदेशक टीके शिबु ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी अधिकारी आई.पी.एम. अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करें क्योंकि इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (आई.पी.एम.) ही एकमात्र विकल्प है जो रासायनिक कीटनाशकों के अनुचित उपयोग को कम कर सकता है। कहा कि जरूरत पड़े तो केन्द्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति द्वारा संस्तुत रासायनिक कीटनाशक ही अंतिम विकल्प के तौर पर उपयोग में लान...
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