गया, जून 11 -- आमस कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से बुधवार को सांवकला, करमडीह व आमस पंचायत में एक दिवसीय कृषि गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित की गई। पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. पंकज तिवारी ने बताया कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में सैकड़ों महिला पुरुष किसान शामिल हुए। किसानों को खरीफ फसलों की बुआई से पहले भूमि शोधन और बीज शोधन करने का सुझाव दिया। कहा खरीफ फसलों में झुलसा, झोंका, शीथब्लाइट, पत्ती धब्बा, मिथ्या कंण्डुआ, तुलासिता, बीज सड़न व उकठा रोग की प्रबल संभावना रहती है। फसल की बुवाई से पहले मिट्टी जांच और मौसम आधारित खेती पर जोर दिया। धान में अजोला के प्रयोग, अंतर्वर्ती खेती, मडुआ, बाजरा, सांवा मोटे अनाज की खेती की जानकारी दी। कार्यक्रम में यांत्रिकी पदाधिकारी आनंद कुमार, अजीत कुमार, प्रियंका सिंह, चंदन, मो.दानिश, शशिरंजन आदि रहे।
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