गया, फरवरी 4 -- प्रौद्योगिकी एक महान समतुल्यकारी शक्ति है, जो विभिन्न विषयों और क्षेत्रों के लोगों को एक साझा मंच पर साथ लाकर कार्य करने का अवसर प्रदान करती है। गणित, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार के साथ-साथ अन्य इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग क्षेत्रों के विशेषज्ञ आज तकनीक के माध्यम से मानव जीवन को अधिक सरल, सुविधाजनक और रोचक बनाने में जुटे हैं। साथ ही देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में भी प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है। ये विचार राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के निदेशक प्रो. बी. वी. रमण रेड्डी ने दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में व्यक्त किए। वे सीयूएसबी के गणित, सांख्यिकी एवं कंप्यूटर विज्ञान संकाय (एसएमएससी) द्वारा आयोजित "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैथमेटिकल साइंसेज एंड ...