सोनभद्र, जनवरी 12 -- अनपरा,संवाददाता। स्वामी विवेकानंद का जीवन महज 39 वर्ष का था जो उन्होने भारत माता के चरणों में अर्पित कर दिया।कृतित्व के लिए समय नही संकल्प की आवश्यकता होती है। स्वामी विवेकानंद ने अपने कृतित्व से सम्पूर्ण दुनिया को चमत्कृत कर दिया। सोमवार अपरान्ह सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज ककरी में विवेकानंद जयंती पर आयोजित युवा सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए विश्व हिंदु परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अंबरीष जी ने भारी संख्या में मौजूद युवाओं से कहा कि भारत के युवाओं को लेकर स्वामी विवेकानंद की कल्पना थी कि वह स्वअनुशासित होना चाहिए । कहा कि यदि हम धैर्य से बैठ नही सकते तो किसी संकल्प की पूर्ति के लिए खड़े ही नही हो सकते। इसलिए प्रत्येक युवा को पहले स्वअनुशासित होना होगा।इससे पूर्व मुख्य अतिथि ,विशिष्ट अतिथि पुनीत लाल जी विभाग संचालक सोन...
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