अलीगढ़, अक्टूबर 25 -- इगलास, संवाददाता। तहसील में चांदी की चमक के चलते एक ऐसे व्यक्ति का वारिसान प्रमाण पत्र बन गया जो वास्तविक वारिस न होकर विधवा का भतीजा है। विधवा के वास्तविक वारिस पुत्रों ने इस पर एतराज जताते हुए उप जिलाधिकारी न्यायिक के यहां आपत्ति दाखिल की है। सहारा कलां निवासी महेश कुमार, जयप्रकाश पुत्रगण स्व. ब्रजमोहन लाल का कहना है कि वह तीन भाई हैं और एक विधवा मां रामवती हैं जो पिता की मृत्यु के बाद नैसर्गिक उत्तराधिकारी हैं। लेकिन मां ने साजिश करके अपने भाई भगवान सिंह निवासी यादराम निवासी बमनोई थाना अकराबाद के प्रथम पुत्र जिसका नाम बमनोई में श्याम के रूप में दर्ज है जिसकी पुष्टि परिवार रजिस्टर से होती है। लेकिन उसे तहसीलदार स्तर से जारी वारिसान प्रमाण पत्र में पिता का वारिस घोषित कर दिया गया है। इसी आधार पर उसने भूमि पर कब्जे क...
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