उन्नाव, नवम्बर 24 -- उन्नाव, संवाददाता। जनता दर्शन का मकसद जिले के हाकिमों की मनमानी से नाकाम है। विकास भवन स्थित सभी दफ्तरों में बैठे हाकिमों की मनमर्जी सूबे के मुखिया के आदेश से बड़ी हो गई है। इन पर उनके आदेश का कोई खौफ नहीं दिख रहा है। जब चाह आ रहे और जब चाहा कुर्सी छोड़ रहे हैं। सीएम के सख्त आदेश के बाद भी सुबह 10 से 12 बजे तक अफसर जनता के दर्शन को नहीं बल्कि जनता खुद उनके दर्शन के लिए खड़ी दिखती है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की टीम ने सोमवार को विकास भवन में अफसरों और बाबुओं के आने की हकीकत जांची तो ऐसा कोई दफ्तर नहीं रहा, जहां पर अफसर अपनी कुर्सी संभालते दिखे हों। और तो और साहब के न होने का फायदा उठाकर बाबू भी कुर्सी कुर्सी छोड़े रहे हैं। सीडीओ, डीडीओ, डीसी मनरेगा, डीपीआरओ, आरईडी, पीडी, पशुपालन, कृषि सभी विभागों के अफसर और अधिकांश ...
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