लखनऊ, दिसम्बर 17 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ईदगाह लखनऊ में बुधवार को कुरआनी महफिल हुई। जिसमें मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के पुत्र हाफिज अब्दुल हई रशीद फरंगी महली के कुरआन हिफ्ज करने पर दस्तारबंदी हुई। अब्दुल हई रशीद फरंगी को प्रधानाचार्य दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीकी हिफ्ज-ए-कुरआन का प्रमाण पत्र दिया। मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली ने कुरआन की महानता, उसकी तिलावत और उसे याद करने की फजीलत पर बात की। उन्होंने बताया कि हाफिज अब्दुल हई राशिद संभवतः ला मार्टिनियर कॉलेज, लखनऊ के पहले छात्र हैं, जिन्होंने स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ कुरआन भी याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत अब्दुल अली रशीद की कुरआन तिलावत से हुई। हाफिज यूनुस रशीद ने अंग्रेजी में कुरआन याद करने की अहमियत बताई। हाफिज अब्दुल हई रशीद ...