प्रयागराज, जनवरी 10 -- प्रयागराज। हरिद्वार अर्धकुम्भ, उज्जैन और नासिक कुम्भ तीन-तीन महीने के अंतराल पर पड़ रहे हैं। संतों का कहना है कि इस दौरान पांच से छह करोड़ रुपये खर्च करता है। उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता भी मांगी है। साथ ही कहा है कि महामंडलेश्वरों व महंतों के लिए भी कुछ विशेष प्रबंध किए जाएं। निर्मल अखाड़े के उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री ने बताया कि इस काम में बहुत पैसा खर्च होता है। जबकि हरिद्वार में पहली बार अर्धकुम्भ का आयोजन हो रहा है। ऐसे में सरकार को आर्थिक सहायता देनी चाहिए।

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