लखनऊ, नवम्बर 12 -- पांच साल से छोटे बच्चों को निमोनिया आसानी से घेर लेता है। संक्रमण के चलते बच्चे आसानी से निमोनिया की गिरफ्त में आ सकते हैं। अच्छे पोषण, स्वच्छ हवा, टीकाकरण और समय पर इलाज से बच्चों को निमोनिया से बचा सकते हैं। कुपोषित बच्चे आसानी से निमोनिया की जद में आ जाते हैं। यह जानकारी केजीएमयू में पल्मोनरी मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने दी। विश्व निमोनिया दिवस पर विभाग में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि निमोनिया घातक संक्रमण है। इसमें बच्चे को सर्दी-जुकाम, बुखार होता है। फिर सांस फूलने लगती है। उल्टियां होती हैं। समय पर इलाज से बीमारी काबू में आ सकती है। इलाज में देरी घातक है। केजीएमयू रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारत के...
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