नई दिल्ली, जनवरी 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कुछ सतर्कता समूहों द्वारा लावारिस कुत्तों को खाना खिलाने और देखभाल करने वाली महिलाओं सहित अन्य व्यक्ति को परेशान करने के आरोपों पर विचार करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था का मामला है और पीड़ित व्यक्ति इस बारे में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करा सकते हैं। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन. वी. अंजारिया की विशेष पीठ ने कहा कि महज कुत्तों को खाना खिलाने या देखरेख के लिए किसी को परेशान या उत्पीड़ित करने का कृत्य अपराध है और पीड़ित व्यक्ति को ऐसे लोगों/समूहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं या राहत पाने के लिए संबंधित हाईकोर्ट जाएं। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत सभी व्यक्तिगत मामलों पर सुनवाई नहीं कर सकती। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तब की, एक महिला पशु अधिकार कार्यकर्ता की ओ...
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