नई दिल्ली, जनवरी 8 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या और खतरों से निपटने के लिए नगर निगमों/निकायों के अधिकारियों ने कुछ भी नहीं किया। शीर्ष अदालत ने नगर निगमों और निकायों की नाकामी पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि हमने सड़कों से हर कुत्ते को हटाने का निर्देश नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि कोई पालतू कुत्ता किसी पर हमला करता है तो वह अपराध है। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि अदालत का इन आवारा कुत्तों के साथ पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के अनुसार व्यवहार किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस नाथ ने 'कुत्ता इंसानों के डर को सूंघ सकता है और जिस किसी भी व्यक्ति को वह डरा हुआ पाता है, उस पर हमला करता है। उन्होंने कहा कि कुत्ते का ऐसे व्यक्...
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