प्रयागराज, नवम्बर 9 -- प्रयागराज। रेबीज एक घातक बीमारी है, जो आमतौर पर संक्रमित कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने से फैलती है। ऐसे मामलों में तुरंत एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है। इसलिए जिले में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा शहर के बेली और कॉल्विन में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। लेकिन कुत्ते काटने पर जिन लोगों को गहरा घाव होता है उसे लखनऊ व वाराणसी में इलाज के लिए जाना पड़ता है। क्योंकि यह दोनों इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार इंजेक्शन महंगा होने के कारण अस्पताल में सप्लाई नहीं होती। यहां तक कि निजी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं रहता। कुत्ते के काटने से लेकर 28 दिनों के बीच पांच बार इंजेक्शन लगवाने होते हैं। पहला इंजेक्शन, कुत्ते के काटने के बाद जितना जल्दी हो सके, दूसरा तीसरे दिन, ...
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