रांची, सितम्बर 18 -- कर्रा, प्रतिनिधि। भारत मुंडा समाज ने कुड़मी समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किए जाने की मांग का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने आरोप लगाया कि कुड़मी समाज के कुछ लोग आदिवासी समुदाय के हक-अधिकारों में सेंध लगाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुशील पहान ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कुड़मी समाज लोकुर समिति के मानकों पर खरा नहीं उतरता है, बावजूद इसके राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की मांगें बार-बार उठाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के सभी संगठन और बुद्धिजीवी इस मांग का विरोध कर रहे हैं। सुशील पहान ने बताया कि विरोध को मजबूती देने के लिए भारत मुंडा समाज 20 सितंबर को राजभवन के समक्ष आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होगा। यह प्रदर्शन कुड़मी समाज को एसटी सूची में शामिल करने के प्रयासों के खिलाफ होगा। उन्ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.