शाहजहांपुर, मार्च 29 -- सरकार के 8 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जीएफ़ कॉलेज में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका विषय महाकुंभ 2025 का सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव रहा। प्राचार्य प्रो. मोहसिन हसन खान ने कहा कि कुंभ मेला भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का बहुमूल्य अंग है। कुंभ न केवल आस्था का पर्व है,बल्कि भारतीय परंपरा,सहिष्णुता और सामाजिक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण है। डा.स्वप्निल यादव ने कहा कि कुंभ मेले का इतिहास बहुत प्राचीन है। गुप्त काल में कुंभ मेले का सुव्यवस्थित वर्णन मिलता है और सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल में इसके प्रमाणिक विवरण सामने आते हैं।डा. रईस अहमद ने बताया कि कुंभ मेले से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलता है।गोष्ठी में शिक्षक और छात्र-छात्राएं ने भी विचार रखे।
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