हरिद्वार, नवम्बर 30 -- हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर हरिद्वार के स्थानधारी साधु-संतों ने नाराजगी जताई है। रविवार को भारत सेवाश्रम में आयोजित बैठक में साधु-संतों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने कुंभ की तिथियों और तैयारियों पर चर्चा के लिए अखाड़ा परिषद से तो बैठकें कीं, लेकिन आश्रमों में निवास करने वाले साधु-संतों को पूरी तरह नजरअंदाज़ कर दिया। बैठक में साधु-संतों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की तर्ज पर अखिल भारतीय आश्रम परिषद के गठन की घोषणा की। महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेला केवल अखाड़ों का नहीं, बल्कि सभी साधु-संतों का होता है। आश्रमों के साधु-संत करोड़ों आने वाले भक्तों की सेवा करते हैं और उनके भी शिविर लगते हैं, इसलिए सरकार को सबको समान अधिकार देना चाहिए। अखाड़ा परिषद के...
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