रांची, जनवरी 5 -- नाबालिगों से यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए बने पोक्सो एक्ट के मामलों में एक चिंताजनक और हैरान करने वाला रुझान सामने आया है। रांची में दर्ज मामलों में करीब 50 फीसदी केसों में पीड़िता कोर्ट पहुंचने के बाद अपने बयान से मुकर जा रही है। इससे न सिर्फ न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि कानून के दुरुपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में 183 से अधिक पोक्सो मामले कोर्ट पहुंचे हैं, जिसमें चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें से 44 मामलों में फैसला सुनाया गया। इन 44 में से करीब 30 मामलों में पीड़िता ने कोर्ट में बयान बदल दिया या नहीं पहुंची। 2024 में करीब 100 केस में फैसला आया, जिनमें 64 मामलों के आरोपी बरी हुए। पीड़िता के पलटने के चलते आरोपियों को संदेह का लाभ मिला या मामला कमजोर पड़ गया। पिछल...