नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- यमुना नदी का दिल्ली के इतिहास में रिश्ता सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि सत्ता, संस्कृति और कहानियों का भी रहा है। हाल के बाढ़ ने एक बार फिर इस नदी को चर्चा में ला दिया, जिसके किनारे कभी मुगल बादशाह अपनी रातें गुजारते थे। मुगल बादशाह अकबर से लेकर जहांगीर तक यमुना के साथ गहरा नाता रखते थे। गर्मी की तपती रातों में अकबर नदी में नाव बांधकर सोते थे, ताकि ठंडी हवा और पानी की लहरों के बीच सुकून मिले। जहांगीर भी इस परंपरा को निभाते थे। वहीं शाहजहां ने जब दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया, तो यमुना उनके लिए मनोरंजन का साधन बनी। रात के समय लालकिले के 'रिवर गेट' से उनकी हरम की महिलाएं, रानियां और दासियां ख्वाजासराओं (अंगरक्षकों) के साथ नौकायन और स्नान के लिए निकलती थीं।यमुना में बहती थी शाही नावें यमुना के किनारे की इन महफिलों का जिक्र ...
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