बुलंदशहर, दिसम्बर 28 -- कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुभारंभ कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने दीप प्रज्वलन कर किया। कवि सम्मेलन में देशभक्ति, संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय से ओतप्रोत रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दिल्ली से आए शायर सैय्यद अली अब्बास ने "बस वही तो दुनिया में इंकलाब लाते हैं, जुल्म के मुक़ाबिल जो सर नहीं झुकाते हैं" सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। शायर फहीम कमालपुरी ने "धर्म की आड़ लेकर जो लहू सब का बहाता है, किसी भी ऐसे रहबर की हिमायत हम नहीं करते" पढ़ी तो सभागार वाहवाही से गूंज उठा। कवि डॉ. आलोक बेजान की भावुक रचना "बूढ़े बाप से जब बेटे का रिश्ता टूट गया." ने श्रोताओं को भावुक कर दिया, वहीं शायर डॉ. निजामी रा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.