सीवान, फरवरी 6 -- सीवान। डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने नगर परिषद के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आई कि विगत वर्षों से जीएसटी, इनकम टैक्स, खनन से संबंधित रॉयल्टी, मालिकाना हक, लेबरसेश, ईपीएफ व ईएसआई आदि की कटौती के बाद इस राशि को सबंधित विभाग व कार्यालय के कर्मियों के खातों में जमा नहीं की गई। साथ ही जलापूर्ति परियोजना व नगर प्रशासनिक भवन से संबंधित काफी राशि का भुगतान लंबित है। डीएम ने बताया कि कार्यहित में उपरोक्त भुगतान नहीं किया जाना वैधानिक अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें भारी जुर्माना का भी प्रावधान है। इसे देखते हुए नगर परिषद के आधिकारिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालन के लिए पूर्व के पुराने विभागीय योजनाओं, आपातकालीन कार्यों को छोड़कर अन्य कार्यान्वयन के विरूद्ध किसी भी प्रकार के भुगतान पर अगले आदेश तक तत...