बलिया, दिसम्बर 18 -- बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। महान लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की जयंती गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित ड्रामा हाल में मनाई गई। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था 'संकल्प' की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रंगकर्मियों, साहित्यकारों और अन्य लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि कर नमन किया। इस अवसर पर 'संकल्प' के रंगकर्मियों ने 'कासे कहूं मैं दरदिया हो रामा पिया परदेश गए', 'पियवा गइलन कलकतवा ए सजनी', 'पिया मोर मत जा हो पूरूबवा' जैसे भिखारी ठाकुर के गीतों को गाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। वरिष्ठ रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी ने कहा कि भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक योद्धा थे। अपने गीतों और नाटकों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों और विद्रूपताओं के विरुद्ध आवाज उठाते रहे।‌ उनके द्वारा रचित नाटक 'बिदेसिया' में जहां पलायन का दर्द है, वहीं 'बेटी वि...