चूरू, सितम्बर 3 -- राजस्थान में चूरू की धरती पर इस बार का तेजा दशमी और गोगामेड़ी मेला किसी जादुई उत्सव से कम नहीं रहा। जहां एक ओर मंदिरों की घंटियों की गूंज, लोकगीतों की धुन और भजनों का रसिक रंग फैला हुआ था, वहीं दूसरी ओर सर्पों संग भक्तों का हैरतअंगेज जलवा हर किसी की धड़कनें तेज कर गया। ज़रा सोचिए. हजारों की भीड़, देर रात तक चलता भक्ति महाकुंभ और बीच में मंच पर या मेले के चौक में भक्त अपने-अपने निशानों के साथ आते हुए, और तभी अचानक सामने आते हैं सांप और गोयरा! भक्त बिना डरे उन्हें गले लगाते, हाथों पर लहराते और करतब दिखाते। किसी ने अजगर को गले की माला बना लिया तो किसी ने फन उठाए नाग को हथेली पर सजाकर पूरे मेले को दंग कर दिया। लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं-कोई मोबाइल से वीडियो बनाने में जुटा, तो कोई इस अद्भुत दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो...
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