सिमडेगा, फरवरी 12 -- जलडेगा। कहते हैं कि अगर किसान अपनी मिट्टी को मां मानकर उसकी सेवा करे तो मिट्टी सोना उगलती है। जलडेगा के टिनगीना गांव के किसान राजेंद्र काशी ने इस बात को सच कर दिखाया है। राजेंद्र ने अपनी मेहनत के पसीने से हल्दी की ऐसी 'बाहुबली' फसल उगाई है कि उनका नाम सीधे एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जा पहुंचा। हैरानी की बात यह है कि जहां आम तौर पर हल्दी के एक पौधे से कुछ ग्राम उपज मिलती है। वहीं राजेंद्र के एक ही पौधे ने 15 किलोग्राम हल्दी का ढेर लगा दिया। अक्सर लोग मानते हैं कि ज्यादा पैदावार के लिए रसायनों की जरूरत होती है। लेकिन राजेंद्र ने इस सोच को उखाड़ फेंका। उन्होंने न यूरिया डाला, न कीटनाशक। उन्होंने बस मिट्टी को जीवामृत, कंपोस्ट खाद और सूक्ष्मजीवों का देसी घी खिलाया। दो साल तक लाड़-प्यार से पाले गए इस पौधे ने जब फल दिया...
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