बिजनौर, फरवरी 13 -- द्वारिकेश शुगर इण्डस्ट्रीज द्वारा आयोजित किसान गोष्ठी में पंचामृत खेती, सहफसली तथा ड्रिप सिंचाई सहित अनेक विषयों पर मंथन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बसंतकाल में उन्नतशील गन्ना प्रजातियों की बुआई तथा रेड रॉट रोग प्रभावित गन्ना प्रजाति खासकर को. 0238 का शत प्रतिशत विस्थापन पर बल दिया। गोष्ठी के दौरान गन्ना प्रजाति प्रजनन, परीक्षण, पेड़ी प्रबन्धन, गन्ना उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकी तथा क्षेत्र बार प्रजाति की संस्तुति सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई। गन्ना फसल सुरक्षा, ट्राइकोडर्मा कल्चर की तैयारी, प्रयोग के तरीके, गन्ना मृदा नमूना संग्रहण, परीक्षण, परिणाम क्रियान्वयन और मृदा उर्वरता प्रबन्धन पर प्रकाश डाला गया। गन्ना उत्पादन में फाइव टी के महत्व पर चर्चा की गई। मिल द्वारा किसानों को उपलब्ध सुविधाओं तथा...