पटना, फरवरी 6 -- किसान अब उत्पादक के साथ उद्यमी और निर्यातक भी बन रहे हैं। बिहार कृषि निर्यात नीति के जरिए किसानों की उपज को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और प्रस्तावित शहद नीति आय वृद्धि का सशक्त आधार होगा। बागवानी और विशिष्ट फसलें आज किसानों के लिए एटीएम के समान हैं, जो त्वरित आय और स्थायी समृद्धि का मार्ग खोलती हैं। यह बातें शुक्रवार को राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने गांधी मैदान में तीन दिवसीय बागवानी महोत्सव का उद्घाटन में कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बागवानी, उच्च मूल्य वाली खेती, आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ बाजार व्यवस्था को कृषि विकास का मुख्य आधार बना रही है। प्रत्येक जिले में एक विशिष्ट फसल का क्लस्टर विकसित किया जाएगा। प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होंगी और उत्पादों को बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।...
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