मुजफ्फरपुर, जून 21 -- मुशहरी, हिसं। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी में शुक्रवार को छत्रक प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों को लीची तुड़ाई के बाद बागों का वैज्ञानिक विधियों से प्रबंधन करना सिखाया गया। केंद्र के निदेशक डॉ. विकास दास ने बताया कि लीची तुड़ाई के बाद बागों में अनावश्यक एवं रोगग्रस्त शाखाओं को हटाना पौधों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे कीट एवं रोगों के प्रकोप की संभावना में कमी आती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अशोक धाड़क वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एवं डॉ. भाग्या विजयन वैज्ञानिक कृषि प्रसार आदि ने किसानों को जागरूक किया। कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में अजय रजक, धर्मेन्द्र कुमार, श्याम पंडित व गणेश कुमार शामिल थे। प्रशिक्षण में सीतामढ़ी से श्य...
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