मुंगेर, जनवरी 24 -- मुंगेर, निज प्रतिनिधि। जिले में किसानों को बैंकों से केसीसी ऋण प्राप्त करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बार-बार चक्कर लगाने की वजह से किसान केसीसी ऋण लेने के बारे में कई बार सोचते हैं। बार-बार बैंक का चक्कर लगाने से परेशान किसान महाजनों से कर्ज लेकर खेती करने को विवश हो जाते हैं। जिसका उन्हें काफी ब्याज चुकाना पड़ता है। जबकि बैंकों के अधिकारियों को प्रशासनिक अधिकारी का आदेश अक्सर मिलते रहता है। बावजूद रफ्तार में वृद्धि नहीं हो रही है। किसानों को ऋण दिलाने के लिए अधिकारी बार-बार बैंकों को निर्देश देते हैं। लेकिन (एनपीए) माइक्रो फाइनेंस सिविल स्कोर खराब होने की वजह से बैंकर्स केसीसी ऋण देने से परहेज करने लगते हैं। जबकि बैंक की ओर से किसानों से एलपीसी की भी मांग की जाती हैं। वर्तमान में अधिकांश किसानों के पा...