भभुआ, अप्रैल 29 -- कहा, पराली जलाने से उपज, उर्वरा शक्ति व पर्यावरण को होती है क्षति जागरूकता अभियान के तहत कृषि विभाग ने कई गांवों में चलाया अभियान भभुआ, एक प्रतिनिधि। प्रखंड की बहुअन पंचायत के विभिन्न गांवों में मंगलवार को जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने और खेतों में पराली नहीं जलाने की सलाह दी गई। प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार ने किसानों को बताया कि गेहूं की कटाई के बाद खेत में पानी भर दें। फिर उसकी जुताई कर खेत में डंठल को छोड़ दें। इससे जैविक खाद तैयार हो जाएगी, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति मजबूत होगी और उपज बढ़ेगी। पराली जलाने से पर्यावरण, उर्वरा शक्ति, उपज प्रभावित होती है। साथ ही उपज बढ़ाने में मदद करनेवाले कीट-पतंग भी मर जाते हैं। जब उपज कम होगी, तो किसानों की आमदनी घटेगी। इसलिए पराली नहीं जलाएं। उन्होंने कि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.