नवादा, जनवरी 20 -- कौआकोल, एक संवाददाता परिमार्जन कार्य में लापरवाही कहें या अधिकारियों की शिथिलता किसानों को पहचान पत्र बनवाने में बड़ी समस्या बन रही है। इस समस्या के कारण किसानों को बिना पहचान पत्र बनवाए ही शिविरों से निराश होकर खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। अधिकांश किसानों की जमाबंदी में राजस्व कर्मचारियों एवं अधिकारियों की गलतियों के कारण त्रुटियों की भरमार है। किसी किसान का उनके जमाबंदी पर नाम गलत है तो किसी का पिता या पति का ही नाम गलत दर्ज है। इसी प्रकार किसी का खाता एवं खेसरा संख्या शून्य है तो किसी का रकवा ही शून्य या गलत दर्ज है। पिता या पूर्वजों के नाम पर दर्ज जमाबंदी को अपने नाम पर लाने में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मनमानी रवैया उनके पसीने छुड़ा रहे हैं। इसमें सुधार के लिए किसान हल्का कर्मचारी से लेकर अंचल कार्या...