गंगापार, फरवरी 7 -- बढ़ती गर्मी के तेवर देख अतिरिक्त सिंचाई के कारण दूसरी और तीसरी बार फसलों में यूरिया छिड़काव करने के लिए ऊंचे दाम में मिल रही बोल्डर्स यूरिया भी इस समय मिलना मुश्किल हो गयी है। किसान तत्वहीन यूरिया को जानते हुए भी सन्तोष करने के लिए इसके लिए भी दूर-दूर तक हाथ पैर मार रहे है लेकिन मांग के अनुसार यह भी नहीं मिल पा रही है। कोरांव के किसान अभी तक कहीं दो बार तो कहीं तीसरी सिंचाई के बाद यूरिया की जरूरत समझ रहे हैं जिनके लिए छिड़काव के लिए यूरिया मिलना मुश्किल हो गया है। बिरहा करपिया के किसान बबलू तिवारी, अमित तिवारी, देवी बाध के प्रकाश पांडेय, टीकर के धनंजय सिंह, चांदी के पारस नाथ सिंह, जय कुमार तथा गिरगोठा के राजीव कान्त तिवारी आदि का कहना है इस समय सिचाई के बाद यूरिया की बराबर जरूरत बनी हुई है लेकिन यूरिया नहीं मिल पा रही ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.