बरेली, फरवरी 17 -- मौसम का असर दुधारू पशुओं पर भी पड़ता है। खास करके गर्मी और उसके बाद बारिश के मौसम में जब चारे की समस्या होती है तो पशुपालक परेशान हो जाते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र बरेली के वैज्ञानिकों ने किसानों को अभी से तैयारी करने की सलाह दी है। वैज्ञानिक का कहना है कि मार्च के महीने में ही तीन तरह के चारों की बुवाई कर दी जाए तो मई में इसे काट सकते हैं। भीषण गर्मी में ये चारे दुधारू पशुओं के लिए काफी लाभदायक होंगे। दरअसल, गर्मियों में हरे चारे की काफी किल्लत होती है। हरा चारा नहीं मिलने से पशुओं के शरीर में मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिसका असर दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रणवीर सिंह का कहना है कि हरे चारे की कुछ ऐसी किस्में हैं, जिसे मार्च में उगाने के बाद मई-जून में पशुओं को आराम से खि...
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