सीवान, दिसम्बर 13 -- पचरुखी, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों के किसानों के समक्ष दोहरी संकट है। लेकिन, उनका दर्द समझने और बांटने वाला कोई नही है। किसानों के इस दर्द को ना तो सरकारी स्तर पर कम करने की पहल की जा रही है, और ना ही कोई जनप्रतिनिधि ही उनके इस दर्द को कम करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि जसौली, पचरुखी, सरौती और गोपालपुर समेत कई पंचायतों में अभी भी खेतों में पानी भरने से धान की कटाई रुकी हुई है और कई जगह तो कटी हुई फसल भी अंकुरित होकर खराब हो रही है। जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना रहा है। वहीं खेतों में अत्यधिक नमी और पानी के कारण गेहूं की बुवाई का सही समय (15 दिसंबर) निकल रहा है। इधर ठंड और पानी के कारण मजदूर भी खेतों में काम करने से हिचकिचा रहे हैं, जिससे मजदूरी दोगुनी हो गई है और किसान...