कुशीनगर, फरवरी 6 -- कु्शीनगर। मोबाइल छीन लेने मात्र से गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने की घटना से हर कोई हैरान है। यहां तक कि मनोवैज्ञानिक भी। कम उम्र में ही बच्चों में बढ़ रही मोबाइल की लत न सिर्फ उन्हें चिड़चिड़ा बना रही है, बल्कि आत्मघाती कदम उठाने के लिए भी उकसा रही है। इसके लिए माता-पिता की तरफ से उनका केयर न करना, खिलौने के रूप में अथवा उनकी जिद पर मोबाइल थमा देना, उन्हें सामाजिक रिश्तों से दूर कर रहा है, जिससे वे एकाकी जीवन की तरफ बढ़ रहे हैं। आउटडोर की बजाय इनडोर मोबाइल गेम तक उनकी दुनिया सिमटती जा रही है। अपना अच्छा-बुरा सोचने की शक्ति क्षीण होती जा रही है। कुशीनगर जिले में भी ऐसी कई घटनाएं पूर्व में हुई हैं, जब माता-पिता बच्चे को मोबाइल न दे सके तो अपनी जीवन लीला खत्म कर ली। पढ़ाई के मामले में मो...