संतकबीरनगर, अप्रैल 1 -- संतकबीरनगर, शोभित कुमार पांडेय। महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई का दावा तो पुलिस करती है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। किशोरियों के अपहरण के दर्ज मामले में करीब छह फीसदी की बढोत्तरी हुई है। करीब दो साल से 36 से अधिक किशोरियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। वैसे एसपी इसको लेकर गंभीर हैं और अपहृत किशोरियों को तलाशने के लिए थाने स्तर पर स्पेशल टीमें गठित की हैं। पीड़ित मां-बाप प्रतिदिन फरियाद लेकर पुलिस कार्यालय पहुंच रहे हैं। उनके फरियाद के अल्फाज दर्द भरे होते हैं। समाज में बदनामी होने की शर्म पीड़ित मां-बाप की आंखों में साफ झलकती है। अपहृत बेटी के न मिलने की टीस उनके मन में तो रहती ही है, साथ में एसपी से फरियाद के बाद उनकी उम्मीदें बेटी के जल्द मिलने की बढ़ जाती है। इसके पीछे वजह यह भी है कि पीड़ित के फरियाद क...
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