चाईबासा, जनवरी 19 -- ब इस बंदी का कारण अस्पताल की रेफरल व्यवस्था में गंभीर खामियां और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाने से एक कर्मचारी की मौत बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार किरीबुरू खदान में कार्यरत एक अधिकारी ड्यूटी जाने के दौरान ब्रेन स्ट्रोक से कोमा में चले गए थे। उन्हें अपोलो अस्पताल, भुवनेश्वर रेफर किया गया। उपचार के दौरान नियमानुसार दो लाख रुपये की सीमा समाप्त होने के बाद रेफरल रिन्यू किया जाना था, लेकिन सेल प्रबंधन एवं किरीबुरू अस्पताल द्वारा समय पर आवश्यक रेफरल कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके चलते अपोलो अस्पताल ने मरीज को डिस्चार्ज कर दिया और परिजन अपने खर्च पर इलाज कराते रहे। मृत्यु वाले दिन भी रेफरल की मांग की गई, पर अस्पताल द्वारा यह कहकर इंकार कर दिया गया कि नो पेशेंट, नो रेफर। इस घटना से आक्रोशित कर्मचारियों ने ...